🚀 बिहार भूमि सेवा: ऑटोमेटिक दाखिल-खारिज 2025
बिहार सरकार ने भूमि संबंधी सेवाओं में सुधार लाने और नागरिकों को अधिक सुविधा प्रदान करने के लिए एक नई प्रणाली शुरू की है – “ऑटोमेटिक दाखिल-खारिज”। यह पहल राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा शुरू की गई है। अब जमीन रजिस्ट्रेशन के तुरंत बाद दाखिल-खारिज प्रक्रिया स्वतः संपन्न हो जाएगी। यह कदम भ्रष्टाचार को कम करने और नागरिकों को राहत प्रदान करने के लिए उठाया गया है।
बिहार जमीन दाखिल-खारिज क्या है?
जब कोई व्यक्ति जमीन खरीदता है और उसका निबंधन कराता है, तो उसे कानूनी रूप से मालिकाना हक स्थापित करने के लिए दाखिल-खारिज (Mutation) करवाना पड़ता है। पहले, इसके लिए अलग से आवेदन करना पड़ता था और यह प्रक्रिया समय लेने वाली थी। अब, नए नियमों के तहत, जैसे ही कोई जमीन रजिस्ट्री होती है, दाखिल-खारिज की प्रक्रिया स्वतः शुरू हो जाएगी।
Suo-Moto दाखिल-खारिज क्या है?
नए सिस्टम के तहत “Suo-Moto दाखिल-खारिज” लागू किया गया है। इसका अर्थ है कि जैसे ही रजिस्ट्रेशन पूरा होगा, बिना किसी अतिरिक्त आवेदन के, दाखिल-खारिज की प्रक्रिया अंचल कार्यालय में स्वतः शुरू हो जाएगी। इससे नागरिकों को बार-बार दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
नई प्रक्रिया के लाभ
- ⏳ दाखिल-खारिज की प्रक्रिया अब मात्र 10 दिनों में पूरी होगी।
- 🏢 अंचल कार्यालय के बार-बार चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी।
- 💰 बिचौलियों और रिश्वतखोरी पर अंकुश लगेगा।
- 📄 रजिस्ट्री के साथ ही दाखिल-खारिज आवेदन स्वतः दर्ज हो जाएगा।
- 📡 ऑनलाइन ट्रैकिंग सिस्टम से प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी।
क्यों शुरू की गई यह नई व्यवस्था?
सरकार ने पाया कि दाखिल-खारिज के लिए हर महीने हजारों आवेदन आते हैं, जिनमें से 30-40% बिना किसी कारण के खारिज कर दिए जाते हैं। इस प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने और जनता को सुविधा प्रदान करने के लिए ऑटोमेटिक दाखिल-खारिज सिस्टम लागू किया गया है।
ऑटोमेटिक दाखिल-खारिज कैसे होगा?
स्टेप 1: जमीन रजिस्ट्री करवाते ही, संबंधित जानकारी स्वतः अंचल कार्यालय को भेजी जाएगी।
स्टेप 2: रजिस्ट्री के आधार पर दाखिल-खारिज की प्रक्रिया स्वतः शुरू होगी।
स्टेप 3: 10 दिनों के भीतर दाखिल-खारिज पूरा कर दिया जाएगा और ऑनलाइन रिकॉर्ड अपडेट हो जाएगा।
स्टेप 4: नागरिक अपनी दाखिल-खारिज स्थिति ऑनलाइन देख सकते हैं।